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Your Excellency, Mr President,

दोनों देशों के delegates,

मीडिया के साथियों,

नमस्कार!

स्विट्ज़रलैंड के राष्ट्रपति जी का भारत में हार्दिक स्वागत करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है।

सबसे पहले, मैं भारत-स्विट्ज़रलैंड संबंधों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की सराहना करता हूँ। पिछले वर्ष अक्टूबर में, उनके व्यक्तिगत समर्थन से, हमने भारत और यूरोपियन फ्री ट्रेड एसोसिएशन, यानि “एफ्टा” देशों के बीच, एक ऐतिहासिक ट्रैड एण्ड इकनॉमिक पार्ट्नर्शिप एग्रीमेंट लागू किया। यह यूरोप के किसी भी economic bloc के साथ भारत का पहला FTA है।

यह इनवेस्टमेंट, इनोवेशन, jobs और साझा समृद्धि का ऐम्बिशस ब्लूप्रिन्ट भी है। इससे हम अगले 15 वर्षों में भारत में 100 बिलियन डॉलर का इनवेस्टमेंट, और 10 लाख डायरेक्ट जॉब्स के लक्ष्यों को साकार करेंगे।

Friends,

भारत और स्विट्ज़रलैंड की मित्रता सदियों पुरानी है। उन्नीसवीं सदी में स्वामी विवेकानंद ने, स्विस आल्प्स में हिमालय की झलक देखी थी। महात्मा गांधी ने भी स्विट्ज़रलैंड में समय बिताया और वहाँ के लोगों से संवाद किया। इन ऐतिहासिक यात्राओं की स्मृतियाँ आज भी हमारी मित्रता में गूंजती हैं।

आज, इनोवेशन, इन्फ्रास्ट्रक्चर और एडवांस्ड टेक्नॉलजी हमारी partnership के मजबूत स्तंभ हैं। और आज की इस समिट से हम अपनी साझेदारी को एक नई गति और नई ऊँचाई देने जा रहे हैं।

Friends,

हमने भारत के exports का स्विट्ज़रलैंड में मार्केट एक्सेस बढ़ाने, और दोनों देशों के बीच इनवेस्टमेंट को और सुगम बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।

इससे भारत के ऐग्रिकल्चर, फार्मा, textile और engineering goods की स्विट्ज़रलैंड में निर्यात बढ़ेगी। और साथ-साथ, भारत के बायोटेक, लाइफ साइंसेज़, बैंकिंग, इन्श्योरेन्स, फूड प्रोसेसिंग और सस्टे-निबिलिटी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में हम नए स्विस इनवेस्टमेंट को आकर्षित करेंगे। इन पहलों से हम साथ मिलकर पूरे विश्व के लिए trusted supply chains और रिलायबल सोल्युशंस विकसित करेंगे।

Friends,

आज हमने मिलिटरी एक्सचेंज और defense production में सहयोग की नई संभावनाओं की पहचान की। नूक्लीअर एनर्जी में सहयोग को और प्रगाढ़ करने पर भी सहमति बनी।

वाराणसी का रोप-वे, नोएडा का जेवर एयरपोर्ट, और पहाड़ी क्षेत्रों में railways तथा tunnelling प्रोजेक्ट्स, हमारे इन्फ्रास्ट्रक्चर सहयोग के उज्ज्वल उदाहरण हैं। इस सहयोग को सुदृढ़ करने के लिए आज हमने ट्रांसपोर्ट, मोबिलिटी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर एग्रीमेंट किया है।

हम स्विट्ज़रलैंड की इंफ्रास्ट्रक्चर कम्पनीज़ को भारत में बड़े लेवल पर निवेश करने, और कपैसिटी बिल्डिंग, डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग में भागीदारी के लिए आमंत्रित करते हैं।

Friends,

साइंस और टेक्नॉलजी सहयोग भी हमारी साझेदारी का एक मजबूत स्तम्भ है। मुझे बहुत खुशी है कि हम जल्द ही हेल्थ, क्लीन एनर्जी और स्पेस जैसे priority areas में नए जॉइंट रिसर्च प्रॉजेक्ट लॉन्च करने जा रहे हैं। हम भारत के साइंस स्टार्ट-अप्स की कपैसिटी बिल्डिंग के लिए ज़ूरिक यूनिवर्सिटी के साथ हुए एग्रीमेंट का भी हम स्वागत करते हैं।

स्विट्ज़रलैंड में योग और आयुर्वेद की बढ़ती हुई लोकप्रियता को देखते हुए, आज हमने इन क्षेत्रों में सहयोग प्रगाढ़ करने पर भी सार्थक चर्चा की।

Friends,

people-to-people ties हमारी पार्ट्नर्शिप की सबसे बड़ी ताकत है। आज हुए माइग्रेशन और मोबिलिटी पार्ट्नर्शिप एग्रीमेंट और यंग प्रोफेशनल्स एग्रीमेंट से, भारत के students, researchers, professionals और युवाओं के लिए स्विट्ज़रलैंड में कई नए अवसर खुलेंगे।

Friends,

भारत और स्विट्ज़रलैंड, दोनों डेमॉक्रैटिक वैल्यूस, rule of law, डायलॉग और डिप्लोमसी में विश्वास रखते हैं। हम ग्लोबल पीस और स्टेबिलिटी के लिए मिलकर काम करते रहेंगे।

यूक्रेन हो या पश्चिमी एशिया, भारत शांति की दिशा में किए जाने वाले हर सार्थक प्रयास का समर्थन करता रहा है।

हम इस बात पर भी एकमत हैं, कि बढ़ते हुए ग्लोबल challenges के समाधान के लिए Global institutions में रिफॉर्म अनिवार्य है।

Friends,

मैं स्विट्ज़रलैंड के प्रेसीडेंट का आभारी हूँ, कि वे एक बड़े बिजनेस delegation के साथ भारत आए हैं। 7 अक्टूबर को हम उनकी उपस्थिति में भारत-एफ्टा बिजनेस लीडर्स के साथ “प्रॉस्पेरिटी समिट” आयोजित करने जा रहे हैं। यह समिट हमारे ट्रेड और इनवेस्टमेंट पार्ट्नर्शिप के promise को concrete outcomes में बदलने का एक महत्वपूर्ण मंच बनेगी। मैं इस समिट में भाग लेने वाले सभी बिजनेस लीडर्स को भी बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूँ।

Your Excellency,

इस वर्ष फ़रवरी में भारत ने विश्व की सबसे बड़ी AI समिट का आयोजन किया। अगले वर्ष स्विट्ज़रलैंड “जिनेवा AI समिट” के माध्यम से इस यात्रा को आगे बढ़ाएगा। जिनेवा AI समिट की सफलता के लिए मैं स्विट्ज़रलैंड को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूँ। मुझे विश्वास है कि हम साथ मिलकर AI को responsible, inclusive और human-centric बनाने की दिशा में आगे बढ़ते रहेंगे।

एक बार फिर, भारत की इस यात्रा के लिए, और भारत-स्विट्ज़रलैंड संबंधों के प्रबल समर्थक रहने के लिए, आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।

MJPS/SS/ST

Official source

[Read the original PIB release](https://pib.gov.in/PressReleaseIframePage.aspx?PRID=2319086)

Source attribution: Press Information Bureau, Government of India.